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Showing posts from January, 2020
प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत अनेक और विविध प्रकार के हैं। इस उन्हें दो श्रेणियों में विभाजित कर सकते हैं-  एक साहित्यिक और दूसरा पुरातात्त्विक। साहित्यिक स्रोत ब्राह्मण साहित्य वेद वेद भारत के प्राचीनतम ग्रंथ हैं। जिनका संकलनकर्ता महर्षि कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास को माना जाता है। • वेदों की संख्या चार है- ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद तथा अथर्ववेद। ऋग्वेद • यह प्राचीनतम वेद माना जाता है। इसमें कुल 10 मंडल तथा 1028 सूक्त हैं। इस वेद के पढ़ने वाले ऋषि को होतृ' कहते हैं। ऋग्वेद का पहला एवं 10वाँ मंडल सबसे अंत में जोड़ा गया है। • ऋग्वेद के तीसरे मंडल में सूर्य देवता 'सवितृ' को समर्पित प्रसिद्ध गायत्री मंत्र है। • 9वें मंडल में देवता सोम का उल्लेख है तथा 10वें मंडल में चातुर्वर्ण्य व्यवस्था का उल्लेख है। | नोट: यूनेस्को द्वारा 'ऋग्वेद' की 30 पांडुलिपियों को 'यूनेस्को मेमोरी| ऑफ वर्ल्ड रजिस्टर' में शामिल किया गया है। यजुर्वेद • इसमें यज्ञों के नियमों या विधानों का संकलन मिलने के कारण इसे कर्मकांडीय वेद भ...